ख्वाबों को पूरा करने की हकीकत

ख्वाबों को पूरा करने की हकीकत

ख्वाबों को पूरा करने की हकीकत क्या है

अपनों से मिलने बिछड़ने की कीमत क्या है

जो रोज़ अदा करते हैं बाज़ार-ए-दुनिया में

उनसे पूछे की कलाकारों की बाजारों से अदावत क्या है।

जो फिरते हैं सर-ए-आम बेलिबास रूहों में

उनसे पूछो की पाक रूहों को बचाना क्या है

गर हम कह दें तो हर तरफ बस प्यार लुट जाए

जो हम कह दें, तो फिर क्या अनकहा आ साथ रह जाए।