मौत को हम चुन लेंगे
खौफ खाना ज़िंदगी से,
जिंदा से खौफ खाना।
कुछ दिन मरते मरते जीना है,
कुछ दिन जी कर मर जाना।
अगर यही ज़िंदगी जीनी है,
तो जीना क्यों है जाना?
आओ एक जंग हार जाते हैं,
आसमां के पार जाते हैं,
एक नई दुनिया तलाश आते हैं,
जहां बदन के साथ रूह सांस ले सके।
बस एक लतीफा, एक कहानी
अपनी ज़ुबानी, तुमको सुनाकर
मौत को हम चुन लेंगे।
बस एक कहानी, अपनी ज़ुबानी
तुमको सुना दें।।